अनुक्रमणिका – रजिया सुल्तान

अनुक्रमणिका – रजिया सुल्तान पृष्ठ पर डॉ. मोहनलाल गुप्ता द्वारा लिखित ई-बुक रजिया सुल्तान के अध्यायों का क्रम दिया गया है। आप नीचे दिए गए अध्याय शीर्षकों पर क्लिक करके सीधे ही उन अध्यायों तक पहुंच सकते हैं।

रजिया सुल्तान मध्यकालीन भारत के इतिहास की एक प्रमुख महिला शासक थी। भारतीय इतिहास के क्षितिज पर उसका आगमन कट्टरपंथी इस्लामिक चिंतन से ग्रस्त तुर्की अमीरों के बीच हुआ जिन पर नियंत्रण पाना कोई आसान बात नहीं थी। फिर भी रजिया ने उन्हें नियंत्रित किया तथा सुल्तान की अवज्ञा करने वाले अमीरों को कोड़ों से पीटा।

उस युग में एक मुस्लिम महिला के लिए किसी मुस्लिम पुरुष को पीटना सरल कार्य नहीं था किंतु रजिया ने यह किया।

रजिया सुल्तान बिना कोई पर्दा किए, पुरुष सुल्तानों की तरह घोड़े पर बैठकर अपनी प्रजा का सुख-दुख जानने के लिए दिल्ली की सड़कों पर निकलती थी। उस युग में किसी महिला के लिए ऐसा करना संभव नहीं था किंतु रजिया ने इसे संभव करके दिखाया।

इस ई-बुक में डॉ. मोहनलाल गुप्ता ने रजिया के इतिहास एवं जीवन चरित्र की इन्हीं विशेषताओं को उजागर किया है। यह एक रोचक पुस्तक है।

1. भूमिका – रजिया सुल्तान

2. इल्तुतमिश का उत्कर्ष

3. शहजादी रजिया

4. रुकुनुद्दीन फीरोजशाह

5. शाह तुर्कान का कहर

6. रजिया का दांव

7. रजिया सुल्तान

8. रजिया सुल्तान का शासन

9. रजिया सुल्तान की हत्या

10. रजिया सुल्तान की असफलता

11. रजिया सुल्तान का मूल्यांकन

12. इतिहास में रजिया सुल्तान का स्थान

-डॉ. मोहनलाल गुप्ता

Related Articles

Stay Connected

21,585FansLike
2,651FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles